Saturday, February 17, 2018

तिथि किसे कहेते है।

जीव अकेला आता है और अकेले जाता है उसे *एकम* कहेते हैं।

जीव दो प्रकार का धर्म का पालन करता है उसे *बीज* कहेते हैं।

जीव देव-गुरु-धर्म कि आराधना करता है उसे *त्रीज* कहेते हैं।

जीव दान,,शील,, तप,, और भाव आदरता है उसे *चोथ* कहेते हैं।

जीव पाँच इन्द्रियों को वश में रखता है उसे *पाँचम* कहेते है।

जीव छ: काय के जिवोकी रक्षा करता है उसे *छठ्ठ* कहेते हैं।

जीव सात कुव्यसन को त्यागता है उसे *सातम* कहेते है।

जीव आठ प्रकार के कर्मो को खपाने का प्रयत्न करता है उसे *आठम* कहेते हैं।

जीव ब्रह्मचर्य के नव-वाड पालन करनेका प्रयत्न करता है उसे नम या *नवम* कहेते हैं।

जीव दस प्रकार के यति धर्म की अनुमोदना करता है उसे *दसम* कहेते हैं।

जीव श्रावक की ग्यारह पडिमा धारे उसे *अगियारस* कहेते हैं।

जीव बारह प्रकार की भावना भाये उसे *बारस* कहेते हैं।

जीव तेरह काठिया दूर करने का प्रयत्न करे उसे *तेरस* कहेते हैं।

जीव चौदह नियमों का पालन करे उसे *चौदस* कहेते हैं।

जीव पंद्रह भेदे शुद्ध नियम पाले उसे *पुनम* कहेते है।

Sunday, January 7, 2018

Suvihar Jainism Sansar जैनिज़्म संसार


Deepak bolta nahi, uska prakash parichay deta hai.thik ussi prakaraap apne bare me kuch na bole,achhe karm karte rahe, wahi aapka parichay denge...

Saturday, January 6, 2018

Suvichar Jainism Sansar जैनिज़्म संसार


Achhe vyavahar ka koi aarthik mulya bhale hi na ho..lekinachha vyavahar karodo dilo ko kharidne ki shakti rakhta hai..


Monday, February 13, 2017

मन और पानी

जय जिनेंद्र

मन भी पानी जैसा ही है, पानी फर्श पर गिर जाए तो कहीं भी चला जाता है। 
मन भी चंचल है, कभी भी कहीं भी चला जाता है।
मन को हमेशा सतसंग और प्रभु-सिमरन के साथ जोडे रखना है।

जैसे पानी को फ्रिज में रखने से ठंडा रहता है और आॅईस बॉक्स मे रखने से सिमट कर बर्फ में परिवर्तित हो जाता है।
वैसे ही मन फ्रिज रूपी सतसंग में ठंडा और शांत रहता है और प्रभु भजन-सिमरन करने से  सिमट कर एक हो कर परमात्मा में लीन हो जाता है।

अगर बर्फ को बाहर धूप में रखा तो वह पिघल कर पानी होकर इधर-उधर होकर बिखर जाता है।
ठिक उसी प्रकार 
हम लोग भी माया रूपी धूप में सतसंग से दूर होकर बिखर जायेगे।

तो हमें हमेशा सतसंग और प्रभु भजन-सिमरन से खुद को जोड़कर रखना चाहिए ।

तिथि किसे कहेते है।

जीव अकेला आता है और अकेले जाता है उसे * एकम * कहेते हैं। जीव दो प्रकार का धर्म का पालन करता है उसे * बीज * कहेते हैं। जीव देव-गुरु-धर्म कि...