Saturday, July 23, 2016

जीवन परिचय - ३ श्री सम्भवनाथ जी





 ३ श्री सम्भवनाथ जी

जन्म स्थान

 शरावास्ती 

निर्वाण स्थान

   सम्मेद शिखरजी  

पिता जी

 जितारी  राजा

माता जी

 सुसेना माता 

चिन्ह / प्रतिक

 घोड़ा 

तृतीय तीर्थंकर सम्भवनाथजी की माता का नाम सुसेना और पिता का नाम जितारी है। सम्भवनाथजी का जन्म मार्गशीर्ष की चतुर्दशी को श्रावस्ती में हुआ था। मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन आपने दीक्षा ग्रहण की तथा कठोर तपस्या के बाद कार्तिक कृष्ण की पंचमी को आपको कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी को सम्मेद शिखर पर आपको निर्वाण प्राप्त हुआ। जैन धर्मावलंबियों अनुसार उनका प्रतीक चिह्न- अश्व, चैत्यवृक्ष- शाल, यक्ष- त्रिमुख, यक्षिणी- प्रज्ञप्ति है 

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