Thursday, August 29, 2013

आत्मा में परमात्मा


संपूर्ण विश्व में एकमात्र जैन धर्मं ही इस बात में आस्था रखता हैं की प्रत्येक आत्मा में परमात्मा बनने की शक्ति विद्यमान हैं. अर्थात भगवन महावीर स्वामी की तरह ही प्रत्येक व्यक्ति जैन धर्मं का ज्ञान प्राप्त करके उसमे सच्ची आस्था रखकर, उस अनुसार आचरण (कर्म) करके बड़े पुण्योदय से उसे प्राप्त दुर्लभ मानव योनी का 'एक मात्र सच्चा अंतिम सुख' संपूर्ण जीवन जन्मा-मरण के बंधन से मुक्त होने वाले कर्म करते हुए मोक्ष महाफल पाने हेतु कदम बढ़ाना तथा उसे प्राप्त कर वीर महावीर बन दुर्लभ जीवन की सार्थक कर सकता है

जैन धर्म के क्रांतिकारी मुनी श्री तरुण सागर जी के अंतिम दर्शन

जैन धर्म के क्रांतिकारी मुनी श्री तरुण सागर जी के अंतिम दर्शन मुनी श्री ने अपने कड़वे प्रवचन द्वारा सब के दिलो में मिठास भर दी थी. ...