Friday, September 27, 2013

प्रभु सम्मुख बोलने की स्तुतियाँ

दर्शनं देव देवस्य, दर्शनं पाप नाशनं
दर्शनं स्वर्ग सोपानं, दर्शनं मोक्ष साधनं।।

Monday, September 23, 2013

Time and its importance


वक़्त जैसा भी हो बदलता जरूर है,
इसलिए अच्छे वक़्त में ऐसा काम ना करे,
की लोग बुरे वक़्त में आपका साथ छोड़ दे। 
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Tuesday, September 17, 2013

SMS | Uttam Kshama | उत्तम क्षमा

SMS related to day for celebrating Uttam Kshama meaning Supreme Forgiveness.


क्षमावाणी क्षमापना का एक महापर्व है| दशलक्षण महापर्व के दस दिन दस सिद्धांतो को मानते हुए हम दसवे दिन क्षमावाणी का पर्व मानते है| इस दिन जैन समाज का हर सदस्य अपने मित्रो, रिश्तेदारों से मन, वचन, काय से क्षमा मांगते है |


uttam kshama



जाने अनजाने में, हमारे द्वारा हुई भूलो के लिये हम ह्रदय से दोनों हाथ जोड़कर क्षमा प्राथी है | उत्तम क्षमा |

जाने अनजाने में हम से कोई भूल हुई या हमने आपका दिल दुखाया हो तो मन, वचन, काया से “उत्तम क्षमा

समभाव रखते हुए “पर्युषण” महापर्व पर हम आपसे
मन, वचन, काया से “क्षमा याचना” करते है |
जय जिनेन्द्र


भूल से अगर कोई भूल हो गई ,
तो भूल समझकर भूल जाना,
मगर भूलना सिर्फ भूल को,
भूल से हमें मत भूल जाना |
उत्तम क्षमा


कर जाते है शरारत क्योंकि थोड़े शैतान है हम,
कर देते है गलती क्योंकि इन्सान है हम |
ना लगाना हमारी बातों को दिल से,
आपको तो पता है कितने नादान है हम |
उत्तम क्षमा



जाने में अनजाने में,
मन के वचन सुनने में,
अगर टुटा हो आपका मन,
तो क्षमावाणी के पर्व पर दे दीजिये,
हमें क्षमा का दान |
उत्तम क्षमा

छोटा सा संसार,
गलतिया अपार,
आपके पास है क्षमा का अधिकार,
कर लीजिये निवेदन स्विकार,
उत्तम क्षमा


दो शब्द क्षमा के जीवो को खुशहाल करते है,
टकराव दूर होता है, खुशिया हज़ार देते है|
खुश रहे खुशिया बाटे महान उसे कहते है|
अंतरमन से क्षमायाचना |


१ दिन के २४ घंटे
१ घंटे के ६० मिनिट
१ मिनिट के ६० सेकंड
एक हजार लम्हे
हजार लम्हे में १ ही आवाज
उत्तम क्षमा


भुल होना प्रकृति है,
मान लेना संस्कृति है,
इसलिये की गई गलती के लिये
हमें क्षमा करे |
उत्तम क्षमा


 
सुरज जैसे अंधेरा दूर करे, पानी जैसे प्यास दूर करे,
वैसे ही पर्युषण  क्षमावाणी  पर्व पर आप हमारी
सारी गलतीयों और भूल-चुक को क्षमा करे |
उत्तम क्षमा 


इस छोटी सी ज़िन्दगी में,
हमारी आपकी छोटी सी मुलाकात में,
कभी भी, कहीं भी, हमारी वजह से,
आपकी चाँद सी मुस्कान चली गई होतो,
हमें क्षमा करे | उत्तम क्षमा


मन, वचन, काया से जानते हुए,
अजान्ते हुए आपका दिल दुखाया होतो,
आपसे उत्तम क्षमा |


जीवन यात्रा में चलते चलते,
स्वार्थ, मोह, अज्ञानतावश,
हुई समस्त भूलो के लिये,
सच्चे स्वच्छ ह्रदय से,
क्षमायाचना करते हुए,
हम आपके स्नेह मैत्री भाव की कामना करते है |


कुछ गलतियाँ जानते,
कुछ गलतियाँ अजानते,
कुछ कडवी वाणी से,
किसी कारण आपका दिल दुखाया होतो,
मन वचन काय से उत्तम क्षमा |


क्षमा वीरस्य भूषणं
विगत वर्ष में जाने अनजाने में
हमारी कोई भूल से आपके कोमल दिल को
ठेस लगी हो तो मन, वचन, काया से उत्तम क्षमा |


३६५ दिन, १२ महीने, ५२ सप्ताह,
८७६० घंटो, ५२५६०० मिनिटों, ३१५३६००० सेकंड्स
में हमारे तरफ से कोई जाने अनजाने में गलती हुई हो
 या दिल दुखाया हो तो बारम्बार हाथ जोड़कर उत्तम क्षमा |


आपके सुख की हरदम प्रभु से करते कामना,
अनजाने में तीर चल जाते है जिंदगीका करते सामना,
आपका दिल दुखे ऐसी नहीं थी हमारी भावना,
फिर भी भूलवश हुई गलती के लिये,
दोनों हाथ जोड़कर करते है क्षमायाचना |



सूर्य जैसे तेजस्वी,
चाँद जैसे शीतल ,
गगन जैसे विशाल,
नदी जैसे निर्मल,
आपके परिवार को उत्तम क्षमा |


अनजाने में , अनचाहे भी, भूल कभी भी हो सकती है,
जीवन के उन क्रूर पलों में, भूल भी हो सकती है,
जीवन के उन क्रूर पलों की, भूल हमारी माफ़ करे,
क्षमा पर्व है, क्षमा दान है, क्लेश का अंत करे,
परस्परोपग्रहो जीवानाम


महावीर के वचन,
पार्श्व के जीवन,
रिषभ का तप,
नेम की चर्या,
कुमारपाल की आरती,
चंदनबाला के आंसू,
त्रिशला माता के सपने और,
कल्पसूत्र के पन्ने,
इतिहास के गर्व
Happy पर्युषण पर्व
  

वो सुबह का भक्ताम्बर,
वो शाम का प्रतिकमण,
वो संतो के प्रवचन,
वो रात्री भोजन का त्याग,
वो जैनों की धूम,

मुबारक हो पर्युषण पर्व |

Uttam Kshama । उत्तम क्षमा

The day for celebrating Uttam Kshama meaning Supreme Forgiveness.


~:  Shloka :~

पीडैं दुष्ट अनेक, बांध मार बहु विधी करै ।
धरिये छिमा विवेक, कोप ना कीजिये पीतमा ॥
उत्तम छिमा गहो रे भाई, इह भव जस पर भव सुखदाई ।
गाली सुनि मन खेद ना आनो, गुन को औगुन कहे अयानो ॥
कहि है अयानो वस्तु छीने, बांध मार बहु विधि करै ।
घरतैं निकारे तन विदारै, बैर जो ना तहा धरै ॥
जे करम पूरब किये खोटे, सहै क्यों नहिं जीयरा ।
अति क्रोध अगनि बुझाय प्रानी, साम्य-जल ले सीयरा ॥

Thursday, September 12, 2013

दशलक्षण महापर्व के दस लक्षण


त्याग का महापर्व दशलक्षण पर्व के दस लक्षण

उत्तम क्षमा 
उत्तम मार्दव 
उत्तम आर्जव 
उत्तम सत्य 
उत्तम शौच 
उत्तम संयम 
उत्तम तप 
उत्तम त्याग 
उत्तम अंकिचन 
उत्तम ब्रह्मचर्य

Dashlakshan Mahaparv and Ten signs of dashlakshan Parv

Saturday, September 7, 2013

jai guru Mishrimal Ji

Indian government release Rs. 1 post stamp in honor of Pujya Gurudev Rashtra Shiromani Mishrimal ji Maharaja saheb in 1991.

भारत सरकार द्वारा पूज्य गुरुदेव, रास्ट्र शिरोमणि, परम पूज्य श्री मिश्रिमल जी मा. सा. के सम्मान में भारतीय डाक विभाग का रूपये 1 का डाक टिकिट जारी किया गया था ।

जय जिनेद्र - जय नवकार - जैनिज़्म संसार

Friday, September 6, 2013

Jain

खुश किस्मत हूँ जैन धरम में जनम मिला।

खुश किस्मत हूँ महावीर का मनन मिला॥

मनन मिला है चोबीसों भगवानो का।
  
सार मिला है आगम-वेद-पुराणों का॥

जैन धरम के आदर्शो पर ध्यान दो।

महावीर के संदेशो को मान दो॥

महावीर वो वीर थे जिसने सिद्ध शिला का वरन किया।

मानव को मानवता सौंपी दानवता का हरण किया॥

गर्भ में जब माँ त्रिशला के महावीर प्रभु जी आए थे।

स्वर्ग में बैठे इन्द्रों के भी सिंघासन कम्पाये थे॥

जन्म लिया तो जन्मे ऐसे न दोबारा जन्म मिले।

जन्म-जन्म के कर्म कटें भव जीवों को जिन-धर्म मिले॥

जैन धरम है जात नही है सुन लेना।

नस्लों को सौगात नही है सुन लेना॥

जैन धरम का त्याग से गहरा नाता है।

केवल जात का जैनी सुन लो जैन नही बन पता है॥

जैन धर्म नही मिल सकता बाजारों में।

नही मिलेगा आतंकी हथियारों में॥

नही मिलेगा प्यालों में मधुशाला में।

धर्म मिलेगा त्यागी चंदनबाला में॥

कर्मो के ऊँचे शिखरों को तोड़ दिया।

मानव से मानवताई को जोड़ दिया॥

बीच भंवर में फंसी नाव को पार किया।

सब जीवों को जीने का अधिकार दिया॥

शरमाते हैं जो संतो के नाम पर।

इतरायेंगे महिमा उनकी जानकर॥

जैन संत कोई नाम नही पाखंडो का।

ठर्रा-बीडी पीने वाले पंडो का॥

जैन संत की महिमा बड़ी निराली है।

त्याग की बगिया सींचे ऐसा माली है॥

साधू बनना खेल नही है बच्चो का।

तेल निकल जाता है अच्छे-अच्छों का॥

मानव योनि मिली है कुछ कल्याण करो।

बंद पिंजरे के आतम का उत्थान करो॥

शोर-शराबा करने से कुछ ना होगा।

और दिखावा करने से कुछ ना होगा॥

करना है तो महावीर को याद करो।

पल-पल मत जीवन का यूँ बरबाद करो॥ —

जय जिनेद्र - जय महावीर

Tuesday, September 3, 2013

sukh sata sa.

Divine Message from Lord Mahaveer

भगवान महावीर का दिव्य सन्देश - जियो और जीने दो ।

Lord Mahaveer Kalyanak

Lord Mahaveer Kalyanak
1) Chavyan kalyanak
2) Saharan kalyanak
3) Janam kalyanak
4) Diksha Kalyanak
5) Nirvan Kalyanak
6) Keval Gyan kalyanak
Lord Mahaveer Kalyanak

पर्युषण का अर्थ है?


पर्युषण का अर्थ है – परिवसना – अर्थात आत्मा के निकट रहना

Meaning of Paryushan Parv

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Monday, September 2, 2013

अणु कृपा

जय गुरुदेव । Jai Gurudev

Micchami Dukkadam

micchami dukkadam

sukh sata sa. सुख साता सा. ।

पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर सभी तपस्वियों का शत शत वंदन अभिनन्दन ।
Sukh Sata Sa. jainism sansar

Welcome Parv Paryushan

पर्व पर्युषण की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ ।
Happy Jain Paryushan Parv

Seva kya hai? | सेवा क्या है?

🌲सेवा क्या है? 🌲 सेवा कर्म काटने का माध्यम है। सेवा आपके मन को विनम्र बनाती है। तन को चुस्त रखती है। मन में स्थिरता का माहौल पैदा करती...