Sunday, November 10, 2013

Navkar - महामंत्र नवकार


णमो अरिहंताणं,
णमो सिद्धाणं,
णमो आयरियाणं,
णमो उवज्झायाणं,
णमो लोए सव्व साहूणं।
एसो पंच णमोक्कारो, सव्व पाव-प्पणासणो।
मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवइ मंगलं॥

नमस्कार महामंत्र का जप किसी भी परिस्थिति या अवस्था में किया जा सकता है। इसके स्मरण मात्र से दुख दूर होते हैं। समस्त साधु-भगवंत नवकार महामंत्र (णमोकार महामंत्र) का जाप करते हैं। 


तिथि किसे कहेते है।

जीव अकेला आता है और अकेले जाता है उसे * एकम * कहेते हैं। जीव दो प्रकार का धर्म का पालन करता है उसे * बीज * कहेते हैं। जीव देव-गुरु-धर्म कि...