Saturday, December 30, 2017

Ghoomar - Aacharya Rajendra Suri Gurudev | latest Bhakti Song



Ghoomar - Aacharya Rajendra Suri Gurudev | latest Bhakti Song


बात पते की

बात पते की.. 

follow some basic rules and stay happy.. 



Monday, February 13, 2017

मन और पानी

जय जिनेंद्र

मन भी पानी जैसा ही है, पानी फर्श पर गिर जाए तो कहीं भी चला जाता है। 
मन भी चंचल है, कभी भी कहीं भी चला जाता है।
मन को हमेशा सतसंग और प्रभु-सिमरन के साथ जोडे रखना है।

जैसे पानी को फ्रिज में रखने से ठंडा रहता है और आॅईस बॉक्स मे रखने से सिमट कर बर्फ में परिवर्तित हो जाता है।
वैसे ही मन फ्रिज रूपी सतसंग में ठंडा और शांत रहता है और प्रभु भजन-सिमरन करने से  सिमट कर एक हो कर परमात्मा में लीन हो जाता है।

अगर बर्फ को बाहर धूप में रखा तो वह पिघल कर पानी होकर इधर-उधर होकर बिखर जाता है।
ठिक उसी प्रकार 
हम लोग भी माया रूपी धूप में सतसंग से दूर होकर बिखर जायेगे।

तो हमें हमेशा सतसंग और प्रभु भजन-सिमरन से खुद को जोड़कर रखना चाहिए ।

Seva kya hai? | सेवा क्या है?

🌲सेवा क्या है? 🌲 सेवा कर्म काटने का माध्यम है। सेवा आपके मन को विनम्र बनाती है। तन को चुस्त रखती है। मन में स्थिरता का माहौल पैदा करती...