सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

अप्रैल, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Shri Parshv padmawati mahapoojan Highlights श्री पार्श्व पद्मावती महापूजन्

श्री पार्श्व पद्मावती महापूजन् Shri Parshv padmawati mahapoojan Highlights https://youtu.be/nxzeaH-yMl0 Link YouTube   Please like, subscribe and share 🙏🏻🙏🏻

varshitap - Akshay Tratiya - वर्षीतप अक्षय तृतीया

🙏🏼।। " वर्षीतप " ।।🙏🏼 " वर्षीतप " है प्रभू आदिनाथ को, पूर्व भव के अनजाने किए कर्म के बदले मिली " संवेदना ", इक्षू रस  वोहराकर संपन्न पारणेसे जगी आहार दान की सर्वोत्कृष्ट अहोभाव की चेतना । दादा आदेश्वर से पाई हुई यह है जीनधर्म प्रसार की सर्वोपरी प्रेरणा , यह तप है जिनशासन की सर्वोत्तम संयमी बेजोड साधना । भगवान् ऋषभदेव  के काल से चल रही यह है अखंड तपो आराधना , सदियों से अनगिनत तपस्वियों द्वारा की गई यह है मंगल धर्म प्रभावना  । " जैनम् जयती शासनम् " के प्रति समर्पित भावसे की हुई यह है अन्तःकरण की धारणा , " अक्षय तृतीया " के पावन अवसर पर वीर तपस्वी करते है तपसमापन पारणा  । सभी तपस्वीयों के " वर्षी तप " की हम भावपूर्वक करते है अनुमोदना , इस महान तप के आराधकोंकेब चरणों मे हमारी भावभरी कोटी कोटी वंदना, कोटी कोटी वंदना ।।👏🏼

Nakoda Bhairav Aarti | श्री नाकोडा भैरवजी की आरती

ॐ जय जय जयकारा, वारी जय जय झंकारा, आरति उतारो भविजन मिलकर, भैरव रखवाला, वारी जीवन रखवाला ॐ जय जय जयकारा ।।1।। तुं समकित सुरनर मन मोहक, मंगल नितकारा, वारी मं., श्री नाकोडा भैरव सुंदर, जन मन हरनारा, ॐ जय जय जयकारा ।।2।। खडग त्रिशुल धर खप्पर सोहे, डमरु कर धारा, वारी ड., अद्भूत रुप अनोखी रचना, मुकुट कुंडल सारा, ॐ जय जय जयकारा ।।3।। ॐ ह्रीँ क्षाँ क्षः मंत्रबीज युत, नाम जपे ताहरा, वारी ना., रिद्धि सिद्धि अरु सम्पद मनोहर, जीवन सुखकारा, ॐ जय जय जयकारा ।।4।। कुशल कर तेरा नाम लिया नित, आनन्द करनारा, वारी आ., रोग शोक दुःख दारिद्र हरता, वांछित दातारा, ॐ जय जय जयकारा ।।5।। श्रीफल लापसी मातर सुखडी, लड्डु तेलधारा वारी ल., धुप दीप फूल माल आरति, नित नये रविवारा, ॐ जय जय जयकारा ।।6।। वैयावच्च करता संघ तेरी, ध्यान अडग धारा, वारी ध्या., ‘हिंमत’ ‘हित’ से चित में धरता, ‘भव्यानंद’ प्यारा, ॐ जय जय जयकारा ।।7।। दो हजारके शुभ संवत्सर, पोष मास रसाला, वारी पो., श्री संघ मिलकर करे आरति, मंगल शिव माला, ॐ जय जय जयकारा ।।8।। आज रविवार है Click to view --> 

श्री नाकोडा भैरव चालीसा | Nakoda bhairav chalisa

प्रत्यक्ष प्रभावी संकट मोचक  श्री नाकोडा भैरव चालीसा  आज जरूर करे दोहा ! पार्श्वनाथ भगवान की मूरत चित बसाय भैरव चालीसा पढ़ूँ गाता मन हर्षाय।। नाकोडा भैरव सुखकारी, गुण गाये ये दुनिया सारी ॥१॥ भैरव की महिमा अति भारी, भैरव नाम जपे नर – नारी ॥२॥ जिनवर के हैं आज्ञाकारी, श्रद्धा रखते समकित धारी ॥३॥ प्रातः उठ जो भैरव ध्याता, ऋद्धि सिद्धि सब संपत्ति पाता ॥४॥ भैरव नाम जपे जो कोई, उस घर में निज मंगल होई ॥५॥ नाकोडा लाखों नर आवे, श्रद्धा से परसाद चढावे ॥६॥ भैरव – भैरव आन पुकारे, भक्तों के सब कष्ट निवारे ॥७॥ भैरव दर्शन शक्ति – शाली, दर से कोई न जावे खाली ॥८॥ जो नर नित उठ तुमको ध्यावे, भूत पास आने नहीं पावे ॥९॥ डाकण छूमंतर हो जावे, दुष्ट देव आडे नहीं आवे ॥१०॥ मारवाड की दिव्य मणि हैं, हम सब के तो आप धणी हैं ॥११॥ कल्पतरु है परतिख भैरव, इच्छित देता सबको भैरव ॥१२॥ आधि व्याधि सब दोष मिटावे, सुमिरत भैरव शान्ति पावे ॥१३॥ बाहर परदेशे जावे नर, नाम मंत्र भैरव का लेकर ॥१४॥ चोघडिया दूषण मिट जावे, काल राहु स