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मार्च, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

फागण सूद तेरस ~ गिरिराज की छः कोसी यात्रा ~ श्री शत्रुंजय महातीर्थ की भावयात्रा

"6" गाऊ (कोस )भाव- यात्रा आज शुक्रवार दिनांक 26/03/ 2021 को फागण फेरी श्री सिद्धाचल जी "6" गाऊ (कोस) यात्रा का मंगल दिवस है।  सह भाव- यात्रा की भाव यात्रा प्रेषित कर रहा हूं। YouTube video Link:   https://youtu.be/Njag-F5wcJw फागण फेरी का महत्त्व  : फागण सूद तेरस के दिन श्री शत्रुंजय महातीर्थ पर श्री कृष्ण महाराज के पुत्र शाम्ब~पद्धमन साढ़े आठ करोड़ मुनीवर के साथ सिद्धगति को प्राप्त हुवे। ❤ श्री शत्रुंजय महातीर्थ की भावयात्रा ❤ श्री शत्रुंजय महातीर्थ के जितने गुणगान किये जाएँ वे कम है । चॊदह राजलोक मे ऎव्सा एक भी तीर्थ नहि है जिसकी तुलना शत्रुंजय तीर्थ से कर सके । वर्तमान मे भरतक्षेत्र मे तिर्थंकर नहीं है, केवलज्ञानी नहीं है, विशिष्ट ज्ञानी भी नहीं है, फिर भी महाविदेह क्षेत्र की पुण्यशाली आत्मा भरत क्षेत्र के मानवी कॊ परम सोभाग्यशाली मानते है, उसका एक मात्र कारण इस शाक्ष्वत तीर्थ का भरत क्षेत्र मे होना है । हम कितने भाग्यशाली है हे की हमे यह शाश्वत तीर्थ मिला है ॥ हमे इस तीर्थ की बार~बार यात्रा करनी चाहिए । नव्वाणुं प्रकार कि पूजा की ढाल मे बताया हे की

दीक्षा में ओघा लेते देखने की तड़प के पीछे का असली राज ....भव्य दीक्षा महोत्सव

✍️दीक्षा में ओघा लेते देखने की तड़प के पीछे का असली राज .... भव्य दीक्षा महोत्सव❤️🌹 🔹पूरा मंडप खचाखच भरा हुआ। संगीत की धुन संयमऔर गुरु की  आज्ञानुसार विधि करते मुमुक्षु। 🔸और वो शुभ घड़ी आयी और गुरुदेव के हाथों ओघा मिलते ही नाचते मुमुक्षु को देख पल भर के लिए तो आँखे भीनी हो जाती है 🔸और सभा इस वैरागी ने वन्दन गा उठती है वैसे ही जब दीक्षा का विदाई समारोह होता है तो रात को 11/12 बजे तक बिना प्रभावना के लोग बैठे रहते है कि कब दीक्षार्थी का स्पीच हो और वो उसे सुने 🔹आज भारत भर में जगह जगह पर सैकड़ो दीक्षाएं हो रही है फिर हर दीक्षा महोत्सव में इतनी की इतनी भीड़ व् उत्साह देखने को मिलता है क्यू ?आखिर क्यू? जो व्यक्ति ज्यादा क्रियात्मक धर्म आदि नही करता जिन आज्ञा का पालन भी नही करता पर दीक्षा मंडप में दीक्षा देखने तो पहुंच ही जाता है!* 🔹इन सब बातों का सार इतना ही निकलता है भले ही आज हमारा मन संसार के रंगों में रंगा हो पर इसकी असारता का अहसास सब को है संसारी मन पाप के बोझ तले इतना दब चूका है कि उसे अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनाई ही नही देती पर जब भी ऐसे दीक्षा के प्रसंग आते है पापी हो या पुण्य शा

save tree save earth

*!! विनम्र आव्हान !!* आप लोग नियमित रूप से मॉर्निंग वॉक के लिए जाते होंगे,आपने देखा होगा की रास्ते के किनारे पौधे लगाये हुवे हैं, जिन्हें आपमे से ही कुछ लोगो ने या शासन ने लगाए है।     अतः सभी नागरिकों को *विनम्र आव्हान* किया जाता हैं कि मॉर्निंग वॉक को जाते समय अपने साथ *1 लीटर पानी की बोतल* रखे, और उनमे से किसी भी एक पौधे को नियमित पानी देने की जवाबदारी ले। सिर्फ *अप्रैल-मई* इन दो महीनों में इतना कष्ट करें ,आखिर ये सब हमारे ही भविष्य का सवाल हैं ।अतः इसे सिर्फ शासन की ही जवाबदारी न समझते हम भी इसमे सहभागी बने। ..🙏🌴 Save trees Save life. 🌱🌴🌳☘️Save the mother erath...🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻