प्रभु दर्शन - जय जिनेन्द्र
आदिदेव अलवेसरु, विनितानो राय
नाभिराया कुल्मंडणो मरुदेवा माय ।
आदिदेव अलवेसरु, विनितानो राय
नाभिराया कुल्मंडणो मरुदेवा माय ।
Click here "Wallpapers" for more
सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह जन्म से जैन होना भी सौभाग्य की बात है, पर उससे भी परम सौभाग्य की बात है.. जीवन में दया, क्षमा, सत्य, शील, संतोष, सदाचार आदि जैनत्व के संस्कार आना
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें