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जीवन परिचय - २ श्री अजितनाथ जी





  २  श्री अजितनाथ जी

जन्म स्थान

 अयोध्या 

निर्वाण स्थान

 सम्मेद शिखरजी 

पिता जी

 जितशत्रू 

माता जी

 विजया देवी 

चिन्ह / प्रतिक
 हाथी

द्वितीय तीर्थंकर अजीतनाथजी की माता का नाम विजया और पिता का नाम जितशत्रु था। आपका जन्म माघ शुक्ल पक्ष की दशमी को अयोध्या में हुआ था। माघ शुक्ल पक्ष की नवमी को आपने दीक्षा ग्रहण की तथा पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी को आपको कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। चैत्र शुक्ल की पंचमी को आपको सम्मेद शिखर पर निर्वाण प्राप्त हुआ। जैन धर्मावलंबियों अनुसार उनका प्रतीक चिह्न- गज, चैत्यवृक्ष- सप्तपर्ण, यक्ष- महायक्ष, यक्षिणी- रोहिणी है।

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